हर दर्द को कहने वाला कोई नहीं होता, पर शायरी उस ख़ामोशी को आवाज़ दे देती है। यहाँ उन पलों के लिए सैड शायरी है जब दिल भारी हो।
दिल टूटने पर सैड शायरी
हँसते चेहरों के पीछे भी ग़म छुपे होते हैं,
हर मुस्कुराने वाला ख़ुश हो, ज़रूरी तो नहीं।
वो कहते थे कभी छोड़ के नहीं जाएँगे,
आज उन्हीं के क़दमों के निशाँ भी नहीं मिलते।
आँसुओं को भी अब आदत-सी हो गई है,
बिन बुलाए हर शाम चले आते हैं।
दिल टूटा तो आवाज़ भी न आई,
बस एक ख़ामोशी थी जो उम्र भर साथ आई।
जिसे अपना समझा, वही बेगाना निकला,
हमारा दिल भी कितना दीवाना निकला।
तन्हाई और यादों की शायरी
तन्हाई से अब कोई शिकायत नहीं,
इसने कम से कम कभी धोखा तो नहीं दिया।
यादें भी अजीब मेहमान होती हैं,
बिना पूछे आती हैं, बिना कहे रुलाती हैं।
हम तो उनकी ख़ुशी में ही ख़ुश थे,
उन्हें हमारी ख़ुशी से कोई वास्ता न था।
टूटे हुए काँच की तरह है ये दिल,
जोड़ भी लूँ तो दरारें दिखती हैं।
रात लंबी है और नींद का पता नहीं,
किससे कहें ये दर्द, कोई अपना नहीं।
अगर आप गहरी उदासी या अकेलेपन से गुज़र रहे हैं, तो किसी भरोसेमंद इंसान से बात करें। भारत में Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 पर मुफ़्त मदद मिलती है।